इस लेख (article) में, आइए निम्न रक्तचाप (low blood pressure) हाइपोटेंशन, इसके प्रकार, लक्षण, लक्षणों को कम करने के उपायों, कारणों और उपचार के बारे में विस्तार से जानते हैं ताकि आप जान सकें कि ऐसी स्थितियों से प्रभावी ढंग से कैसे निपटा जाए।

हाइपोटेंशन क्या है? (What is hypotension?)

रक्तचाप (blood pressure) से तात्पर्य धमनियों (arteries) के खिलाफ रक्त को धकेलने वाले बल (force) से है। जब यह बल (force) इष्टतम सीमा (optimum range) से कम होता है, तो इसे निम्न रक्तचाप (low blood pressure) या हाइपोटेंशन (hypotension) के रूप में जाना जाता है।

रक्तचाप (blood pressure) के स्तर में आपकी नियमित गतिविधियों के अनुसार उतार–चढ़ाव होता है। रक्तचाप (blood pressure) को दो अंतरालों पर मापा जाता है: पहला, जब आपका दिल धड़कता है, और दूसरा, लगातार दो दिल की धड़कनों के बीच।

सिस्टोल (systole) या सिस्टोलिक दबाव (systolic pressure) वह है जो आपके पूरे शरीर को रक्त (blood) की आपूर्ति करता है। यह उस दबाव को मापता है जिस पर आपके हृदय के निलय (heart ventricles) सिकुड़ने पर आपकी धमनियों (arteries) से रक्त पंप (blood pump) होता है

डायस्टोल (Diastole) या डायस्टोलिक दबाव (diastolic pressure) कोरोनरी धमनियों (coronary arteries) के माध्यम से आपके हृदय को रक्त की आपूर्ति करता है। यह रक्तचाप (blood pressure) को तब मापता है जब आपका दिल आराम पर होता है, यानी लगातार दो दिल की धड़कनों के बीच

रक्तचाप (blood pressure) का रीडिंग दो संख्याओं को दर्शाता है। पहली संख्या सिस्टोलिक दबाव (systolic pressure) को दर्शाती है, जबकि दूसरी संख्या डायस्टोलिक दबाव (diastolic pressure) को दर्शाती है। सामान्य रक्तचाप (blood pressure) रीडिंग 120/80 mmHg है। यानी सिस्टोलिक दबाव (systolic pressure) 120 mmHg है, जबकि डायस्टोलिक दबाव (diastolic pressure) 80 mmHg है

राष्ट्रीय हृदय, फेफड़े और रक्त संस्थान के अनुसार, हाइपोटेंशन (hypotension) तब होता है जब रक्तचाप (blood pressure) 90/60 होता है। सिस्टोलिक दबाव (systolic pressure) 90 मिमी Hg है, और डायस्टोलिक दबाव (diastolic pressure) 60 मिमी Hg है।

Source: https://redcliffelabs.com/myhealth/hindi/blood-pressure-in-hindi/what-is-low-blood-pressure-or-hypotension/