साबुन हमारे घर में इस्तेमाल की जाने वाली सबसे बुनियादी चीजों (basic thing)में से एक है और निश्चित रूप से हम इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देते हैं कि हम किस साबुन का उपयोग कर रहे हैं। हम में से अधिकांश लोग साबुन खरीदते हैं जिसमें आकर्षक पैकिंग या अच्छा रंग और सुगंध होती है। लेकिन क्या आप वास्तव में देखते हैं कि साबुन में क्या है और यह आपके लिए सही विकल्प है या नहीं? साबुन आपकी त्वचा और शरीर के स्वास्थ्य का निर्धारण करते हैं, इसलिए, आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आप केवल एक अच्छी क्वालिटी वाला साबुन ही खरीदें। इस आर्टिकल  में, जानें कि आप कैसे निर्धारित कर सकते हैं कि साबुन अच्छा है या बुरा, टीएफएम वैल्यू  और साबुन की ग्रेडिंग प्रणाली और सर्वश्रेष्ठ साबुन ब्रांड।

टीएफएम क्या है?(What is TFM?)

टीएफएम या टोटल फैटी मैटर बेस्ट टॉयलेट सोप की  क्वालिटी निर्धारित करने वाले सबसे महत्वपूर्ण पैरामीटर्स  में से एक है। टीएफएम से तात्पर्य फैटी (fatty) पदार्थ की कुल मात्रा से है जो हाइड्रोक्लोरिक एसिड जैसे मिनरल एसिड का उपयोग करने पर साबुन के सैंपल से अलग हो जाता है। साबुन में  फैटी अमाउंट आमतौर पर पामिटिक एसिड, स्टीयरिक एसिड, ओलीक एसिड और सोडियम ओलीएट(palmitic acid, stearic acid, oleic acid, and sodium oleate) जैसे फैटी एसिड से आती है, जिसके कारण साबुन का टीएफएम लेवल लगभग 92.8% हो जाता है। अब, छोटे और मध्यम आकार की  फैक्ट्रीज ने साबुन बनाने के लिए साबुन की गोलियों का उपयोग करना शुरू कर दिया है, जो टीएफएम वैल्यू को 14% नमी वाले 78 प्रतिशत तक कम कर देता है। यदि साबुन में फिलर्स और प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं, तो टीएफएम का मान 50% तक भी गिर सकता है।

साबुन में कुल फैटी पदार्थ साबुन की क्वालिटी का निर्धारण करने वाला मुख्य  इंग्रेडिएंट (key ingredient) है। टीएफएम का मान जितना अधिक होगा, यह आपकी त्वचा के लिए उतना ही कम हानिकारक होगा। टीएफएम से निकाले गए निष्कर्ष हैं:

  • टीएफएम का उच्च मूल्य इंडिकेट् करता है कि साबुन अत्यधिक हाइड्रेटिंग है, इसलिए आपकी त्वचा को कोई सूखापन(dryness) नहीं होगा। ऐसे साबुन आपकी त्वचा के लिए सबसे कम हानिकारक माने जाते हैं।
  • टीएफएम का कम मान यह इंडिकेट्स करता है कि साबुन आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है। ऐसे साबुन आपकी त्वचा में मौजूद सारे मॉइस्चर को बाहर निकाल देते हैं, जिससे आपकी त्वचा रूखी हो जाती है। त्वचा का सूखापन सेंसिटिविटी की ओर ले जाता है जो अंततः स्किन इन्फेक्शन्स , ब्रेकडाउन , और  रैशेस  का कारण बन सकता है।
  • Source: https://redcliffelabs.com/myhealth/hindi/lifestyle-in-hindi/best-toilet-soaps-in-india-and-what-is-tfm/